दीपेंद्र हुड्डा ने BJP सरकार पर जमकर साधा निशाना 

भाजपा सरकार प्रदेश में विकास के नाम पर कोई काम नहीं कर रही है और भेदभाव बरत रही है। अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए सरकारी राजीव गांधी केंद्रों के नाम बदल रही है। उक्त विचार रोहतक के सांसद चौ. दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार देर सायं को रेवाड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मार्कीट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र सिंह ठेकेदार के निवास पर व्यक्त किए। हुड्डा ठेकेदार के युवा पुत्र के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पूर्व वे नगर की नई अनाज मंडी में बाजरा खरीद का जायजा लेने भी गए।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों के साथ भी भेदभाव कर रही है। रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र में जहां पर पहले 3 न्यायालय होते थे, अब घटाकर केवल 1 न्यायालय कर दिया गया है। कांगे्रस शासनकाल में पास किए गए सड़कों की दशा अब तक नहीं सुधरी है। भाजपा की सरकार तो अब तक कांग्रेस के शासनकाल में हुए कार्यों का उद्घाटन कर रही है। प्रदेश के किसी भी गांव की ग्राम पंचायत में कोई ग्रांट नहीं आ रही है और विकास के नाम पर सब कुछ ठप्प पड़ा है। 

कांग्रेस के समय में राजीव गांधी के नाम से बनाए गए स्टेडियम व अन्य केन्द्रों के भाजपा नाम बदल रही है। इससे पूर्व दीपेंद्र हुड्डा ने कोसली मीडिया सेंटर में भी पत्रकारों से बात की और सैंटर हेतु 2 लाख रुपए देने की घोषणा की। 

Source : Punjab Kesari

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हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए दीपेंद्र हुड्डा जनता की पहली पसंद

हाल ही में ट्विटर पर हुए एक online पोल पर रोहतक से सांसद, दीपेंद्र हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए जनता की पहली पसंद बन कर उभरे है। 
इस पोल में जनता से अगले हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राय मांगी गयी थी। जिसमे जनता को 4 विकल्प में से एक को चुनना था। वो चार विकल्प थे कुलदीप बिश्नोई, दीपेंद्र हुड्डा, अशोक तंवर तथा रणदीप सुरजेवाला। 

2 दिन तक चले इस ओपिनियन पोल में 2400 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। 34% वोट पा कर दीपेंद्र हुड्डा पहले तथा 33% वोट पा कर वर्तमान अध्यक्ष अशोक तंवर दुसरे स्थान पर रहे। ये opinion पोल HaryanaNewsLine ने चलाया था। 

सरकार के खिलाफ हुड्डा ने भरी हुंकार

सैंकड़ों किसानों ने लिया रोष मार्च में हुड्डा के नेतृत्व में हिस्सा


अंबाला सिटी में शुक्रवार को पहले जनसभा और फिर किसानों संग डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकालकर पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने सरकार के खिलाफ अपनी हुंकार भरी है। जनसभा में पूर्व सीएम ने खट्टर सरकार को निशाने पर रखा और प्रदेश में किसानों के मुद्दों को फिलहाल अपने इस संघर्ष का मुख्य मुद्दा बनाया। 

उन्होंने कहा कि अब वे पूरे प्रदेश में किसानों के हितों के लिए खुलकर सरकार से लड़ेंगे और किसानों के लिए संघर्ष कर उन्हें उनका पूरा हक दिलवाने का प्रयास करेंगे। उसके साथ पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, पूर्व मंत्री फूलचंद मुलाना व नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन हरीश सासन भी अपने समर्थकों के साथ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जनसभा के बाद हुड्डा ने किसानों का नेतृत्व करते हुए डीसी कार्यालय तक रोष मार्च निकाला और फिर डीसी को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने और उन्हें उनका हक देने की मांग की।

हुड्डा बोले, किसान विरोधी सरकार है भाजपा


पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने जिला सचिवालय के सामने एकत्र किसानों से कहा कि ये वीरों की धरती है, क्योंकि अंबाला से ही देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल बजा था। आज हरियाणा में भाजपा की जो किसान विरोधी सरकार है उसके विरुद्ध संघर्ष में भी अंबाला के किसान अग्रणी भूमिका निभाने की जिम्मेवारी लें। हुड्डा ने प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का बिंदुवार ब्योरा देते हुए उसकी खामियां गिनवाईं और इसे वापस लेने की मांग की।

हुड्डा सरकार ने दी सालाना 11.5 हज़ार नौकरियां, खट्टर सरकार ने केवल 1500

​निवेश के मामले में भी भाजपा सरकार पिछड़ी

प्रदेश में नये उद्योग स्थापित करवाने और लोगों को रोजगार मुहैया करवाने में मौजूदा भाजपा की खट्टर सरकार पूर्व की हुड्डा सरकार के मुकाबले काफी पीछे चल रही है । पूर्व की सरकार ने सालाना औसतन 11 हजार लोगों के लिए रोजगार का प्रबंध किया वहीं मौजूदा सरकार के करीब 2 वषों के कार्यकाल में मात्र 3025 लोगों को ही रोजगार मिला है । यानी औसतन 1512 लेंगे को हर वर्ष उद्योगों से रोजगार मिला । आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से इसका खुलासा हुआ है। 

निवेश के मामले में भी हुड्डा सरकार खट्टर सरकार के मुकाबले कहीं बेहतर साबित हुई। मार्च में गुडगाँव में हैपेनिंग हरियाणा का कार्यक्रम होने के बावजूद भी प्रदेश में उद्योग-धंधो ने गति नहीं पकड़ी। भाजपा सरकार के देश विदेश की कंपनियों से निवेश के समझौते भी सिरे नही चढ़े। 

Source : Dainik Tribune

सिरसा नगर परिषद् में इनेलो का गढ़ ढहा

पहले स्थान पर सत्ताधारी भाजपा (15 सीट), दुसरे पर हलोपा (6 सीट), तीसरे पर कांग्रेस (5 सीट), 3 निर्दलीय तथा केवल 2 सीट के साथ इनेलो आखरी स्थान पर रही ।

सिरसा नगर परिषद, तोशाम और छछरोली की गाम पंचायतों व पंचों की 268 रिक्त सीटों, छह सरपंचों और ब्लाक समिति सदस्य की एक सीट पर चुनाव रविवार को छिटपुट घटना को छोड़ शांतिपूर्ण संपन्न हो गए । सिरसा के 31 वार्डों में 68 फीसदी मतदान हुआ । मतदान के तुरंत बाद हुई मतगणना के नतीजे आने के साथ ही भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई । सिरसा में नप में पहली बार इनेलो के किले को ध्वस्त कर भाजपा बहुमत के करीब पहुंची। यहाँ पार्टी ने सिबल पर चुनाव लड़ा था,जबकि अन्य पार्टियां बगैर सिंबल के चुनाव मैदान में उतरी। भाजपा ने 15 बाडों में जीत हासिल की, वहीं 5 वार्डों में कांग्रेस, छह में हलोपा, दो में इनेलो समर्थक व तीन निर्दलीय प्रत्याशी जीते। नगर परिषद बोर्ड में इनेलो का एकछत्र राज रहा है, लेकिन इस बार दो सीटो पर ही सिमटकर रही गई।

Source : Amar Ujala

भूपेंद्र हुड्डा के जन्मदिन पर समर्थकों ने ट्विटर पर किया हैशटैग ट्रेंड। पहले स्थान पर रहा #HpyBirdayBShooda 


15 सितम्बर, 1947 को जन्मे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ० भूपेंद्र सिंह हुड्डा का जन्मदिन हमेशा की तरह उनके समर्थकों द्वारा धूम धाम से मनाया जाता रहा हैl उनके दिल्ली निवास पर सुबह से ही बधाई देने के लिए समर्थकों का तांता लग जाता हैl जोकि रात 11 बजे तक चलता रहता हैl जाहिर हरियाणा में वर्तमान राजनीति में हुड्डा बड़ा कद रखते हैl ना केवल वे हरियाणा कांग्रेस के सबसे ऊँचे कद के नेता बल्कि हरियाणा के सभी दल के नेताओं में भी उंचा कद रखते हैl 
आज उनके जन्म दिवस उनके समर्थकों ने अनूठे ढंग से उन्हें बधाई दीl सुबह 7 बजे से hashtag #HpyBirdayBSHooda ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा और केवल एक घंटे के अन्दर ये ट्विटर पर पहले स्थान पर पहुँच गयाl 

 इस ट्रेंड की पहुँच लगभग ढाई लाख लोगों तक की थी जो कि अपने आप में काफी बड़ी संख्या हैl इससे इस बात का भी पता चलता है कि हुड्डा समर्थकों की पक्कड़ सोशल मीडिया पर काफी अच्छी हैl गौर करने वाली बात ये है कि बधाई देने वालों में समर्थक ना केवल हरियाणा से बल्कि सभी प्रदेशों से थेl अप्रवासिय भारतीय भी उनको बधाई देने में पीछे नहीं थे।

कुछ ट्वीट्स

क्या भाजपा के आगे घुटने टेक चुकी है इनेलो?

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File photo

हाल ही में हरियाणा की 2 राज्य सभा सीटों के लिए चुनाव होने है। ऐसे में हरियाणा की सियासत पूरी तरह गरमा चुकी है। पहली सीट पर चौ० बीरेंदर सिंह का चुना जाना लगभग तय है।  लेकिन दूसरी सीट पर भाजपा उम्मीदवार के चुनाव के लिए, भाजपा को कांग्रेस या इनेलो के समर्थन की जरुरत पड़ेगी।
कांग्रेस का भाजपा को समर्थन देना नामुमकिन है। ऐसे में भाजपा के पास एक ही विकल्प बचता है और वो है हरियाणा का प्रमुख विपक्षी दल इनेलो।
भाजपा उम्मीदवार के चुने जाने लिए या तो इनेलो विधायक वोटिंग के दौरान वाकआउट करें या सीधे सीधे भाजपा उम्मीदवार का समर्थन कर दें। ऐसे में भाजपा को दूसरी राज्य सभा की सीट भी मिल जाएगी।
पर बड़ा सवाल ये है कि क्या इनेलो ऐसा करेगी?
अज्ञात सूत्रों की माने तो परदे के पीछे भाजपा और इनेलो में सांठगांठ हो चुकी है। और दोनों पार्टी कोई ऐसा विकल्प तलाश रही है जिससे दोनों पार्टियों को जनता को अपनी सांठगांठ की सफाई ना देनी पड़े।

अगर ऐसा होता है तो भाजपा को कोई नुक्सान नहीं है लेकिन इनेलो की प्रमुख विपक्षी दल वाली साख पर दाग लग जाएगा । कुछ लोगों का तो ये भी कहना है इनेलो भाजपा के उम्मीदवार को समर्थन देने के बदले कुछ व्यक्तिगत मुद्दों पर अपनी सांठगांठ में लगी हुई है। इसलिए इनेलो ने भूपेंदर सिंह हुड्डा के उस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया जिसमे उन्होंने इनेलो द्वारा चुने गए किसी भी न्यूट्रल उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही थी।

विधायक दल की स्थिति के अनुसार राज्यसभा की दूसरी सीट भाजपा के खाते में तभी आएगी जब भाजपा को इनेलो का सीधे सधे या गुपचुप समर्थन मिले। अभी तक दूसरी सीट पर जिन उम्मीदवारवारों के नाम सामने आए उससे साफ़ तौर पर जाहिर होता है कि उनके कहीं ने कहीं इनेलो नेता अभय चौटाला से सम्बद्ध हैं।

अगर भाजपा दूसरा राज्यसभा सांसद भी अपनी पसंद से चुनवाने में कामयाब होती है तो क्या यह कहना सही नहीं होगा कि इनेलो कहीं न कहीं भाजपा के आगे घुटने टेक चुकी है?

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